Sunday, June 29, 2008

Sepia Mode--Intro

नमस्कार. सेपिया मोड में आपका स्वागत हैं. टेक्नोलॉजी के इस युग में, मोबाइल फ़ोन, डिजीटल कैमरे और विशेष कर ऑरकुट और जी जीमेल के जमाने में, शायद ही कोई हो जिसे सेपिया मोड पता न हो. जो बिता हुआ हो, जिसे देखते हुए आपके मानसपटल के रंग बदल जाते हो, जिसमे अब कोई बदलाव सम्भव न हो, वह सेपिया मोड. जिंदगी के इस सेपिया मोड में एडिट आप्शन नही होता! जो जैसा था, वाकई बहोत सुंदर था. फ़िर वह गाव की गलियों के बीच बिता बचपन हो, कुछ टूटे ख्वाब हो, कुछ बिखरे हुए पल हो. कुछ बाते जो घटी, और कुछ वह जो आधी अधूरी रह गई, वह सेपिया मोड. मुझे लगता हैं हम में से हर किसीके जीवन एक सेपिया मोड होता हैं. कुछ उसे भूल जाने की समझदारी दिखाते हैं, कुछ उसे दिलोदिमाग के किसी कपाट में दूर कही बंद किए देते हैं. प्रायः तो यह कपाट खुलते नही हैं, लेकिन कुछ लोगो के लिए सेपिया मोड ही जीवन बन जाता हैं. वर्त्तमान की कई सारी बाते इतनी बेमानी हो जाती हैं, इतनी मशीनी हो जाती की हैं, की अतीत बहोत सुहावना प्रतीत होता हैं. कहते हैं हर जीव खुशी चाहता हैं--आनंद आदमी का मूल स्वाभाव हैं...अगर कुछ लोगो के लिए इस खुशी का नाम सेपिया मोड हो तो ऐसे हे सही..गैर क्या हैं. क्या वर्त्तमान, क्या भूत और क्या भविष्य, जब सब खेल हैं. लेकिन हर वर्त्तमान सेपिया नही हो सकता. इसलिए सेपिया की अहमियत कुछ और हैं. इसलिए किसीके लिए जीवन का नाम सेपिया मोड हैं. स्वागत!!!

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